गोंद के लड्डू - फायदे, रेसिपी और नुकसान
गोंद के लड्डू - फायदे, रेसिपी और नुकसान
परिचय: गोंद के लड्डू क्या हैं और क्यों हैं इतने खास?
सर्दियों का मौसम आते ही भारतीय घरों में गोंद के लड्डू बनाने की खुशबू फैलने लगती है। ये लड्डू न सिर्फ स्वाद में लजीज होते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी अमृत समान माने जाते हैं। गोंद के लड्डू मुख्य रूप से खाने योग्य गोंद (एडिबल गम या गोंद क्रिस्टल्स) से बनाए जाते हैं, जो बबूल के पेड़ की छाल से प्राप्त प्राकृतिक रेजिन होता है। इसमें देसी घी, गेहूं का आटा, गुड़ या चीनी, और ढेर सारे ड्राई फ्रूट्स मिलाए जाते हैं।
उत्तर भारत, राजस्थान, पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र में ये बहुत लोकप्रिय हैं। महाराष्ट्र में इन्हें डिंकाचे लड्डू कहते हैं। प्रसव के बाद महिलाओं को ताकत देने के लिए दादी-नानी की विशेष रेसिपी के रूप में ये सदियों से बनाए जा रहे हैं। सर्दियों में शरीर को गर्म रखने, इम्यूनिटी बढ़ाने और जोड़ों के दर्द से राहत देने के लिए ये परफेक्ट हैं।
आज के इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे गोंद के लड्डू के फायदे, घर पर बनाने की आसान रेसिपी, संभावित नुकसान और कुछ खास टिप्स। चलिए शुरू करते हैं!
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| सर्दियों में गोंद के लड्डू का मजा ही अलग है! ❄️ |
गोंद क्या है? (What is Edible Gond?)
गोंद या एडिबल गम एक प्राकृतिक रेजिन है जो मुख्य रूप से बबूल (अकेशिया) के पेड़ से प्राप्त होता है। ये छोटे-छोटे पारदर्शी क्रिस्टल्स के रूप में मिलता है। जब इसे घी में भूना जाता है, तो ये फूलकर पॉपकॉर्न जैसे हो जाते हैं, जो लड्डू को क्रंची टेक्सचर देते हैं।
दो मुख्य प्रकार के गोंद हैं:
- गोंद (Acacia Gum): गर्म तासीर वाला, लड्डू बनाने के लिए इस्तेमाल होता है।
- गोंद कतीरा (Tragacanth Gum): ठंडी तासीर वाला, गर्मियों में शर्बत में इस्तेमाल होता है।
लड्डू में इस्तेमाल होने वाला गोंद प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और फाइबर से भरपूर होता है। आयुर्वेद में इसे बलवर्धक और पौष्टिक माना जाता है।
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| ये हैं वो पारदर्शी गोंद क्रिस्टल्स जो लड्डू में फूलकर क्रंची बनाते हैं |
गोंद के लड्डू के फायदे (Health Benefits of Gond Ke Laddu)
गोंद के लड्डू पोषक तत्वों का खजाना हैं। इनमें घी के हेल्दी फैट्स, ड्राई फ्रूट्स के विटामिन-मिनरल्स और गोंद के प्रोटीन मिलकर शरीर को कई तरीकों से फायदा पहुंचाते हैं। यहां विस्तार से मुख्य फायदे हैं:
- शरीर को गर्म रखता है: सर्दियों में गोंद की गर्म तासीर ठंड से बचाती है और सर्दी-जुकाम से सुरक्षा देती है।
- इम्यूनिटी बढ़ाता है: एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्वों से भरपूर होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इम्युनिटी कैसे बढ़ाएँ? – वैज्ञानिक रिसर्च पर आधारित पूरी गाइड (2026 Updated)।
- जोड़ों और हड्डियों के लिए फायदेमंद: कैल्शियम और प्रोटीन से हड्डियां मजबूत होती हैं, जोड़ों का दर्द और कमर दर्द कम होता है।
- प्रसव बाद रिकवरी में मदद: डिलीवरी के बाद महिलाओं की कमजोरी दूर करता है, हड्डियों-मांसपेशियों को ताकत देता है और दूध उत्पादन बढ़ाता है।
- एनर्जी बूस्टर: थकान और सुस्ती दूर करता है, दिन भर एनर्जी देता है।
- पाचन सुधारता है: फाइबर से कब्ज की समस्या में राहत मिलती है।
- त्वचा और बालों के लिए अच्छा: घी और मेवों से त्वचा में नमी रहती है, बाल मजबूत होते हैं।
- खून की कमी दूर करता है: आयरन और अन्य मिनरल्स से एनीमिया में फायदा।
- हॉर्मोन बैलेंस: महिलाओं में पीरियड्स और पोस्टपार्टम हॉर्मोनल बदलावों में मदद।
- वजन बढ़ाने में सहायक: हाई कैलोरी होने से कमजोर लोगों के लिए अच्छा।
आयुर्वेद में गोंद को ताकतवर सुपरफूड माना जाता है। रोज एक लड्डू दूध के साथ लेने से सेहत में कमाल के बदलाव आते हैं। कई अध्ययनों में भी गोंद के पौष्टिक गुणों की पुष्टि हुई है।
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| हाथ पर घी लगाकर गोल-गोल लड्डू बांध लें – तैयार! |
गोंद के लड्डू की आसान घरेलू रेसिपी (Gond Ke Laddu Recipe in Hindi)
यहां एक ट्रेडिशनल और आसान रेसिपी है जो गुड़ से बनाई गई है (हेल्दी ऑप्शन)। इससे लगभग 20-25 लड्डू बनेंगे।
बनाने में समय लगभग 1 घंटा।
सामग्री (Ingredients):
- खाने का गोंद - 100 ग्राम (क्रिस्टल्स)
- गेहूं का आटा - 250 ग्राम
- देसी घी - 300-350 ग्राम (जरूरत अनुसार)
- गुड़ (पाउडर या चूरा) - 300 ग्राम
- बादाम - 100 ग्राम (कटे हुए)
- काजू - 100 ग्राम
- पिस्ता - 50 ग्राम
- मखाना - 100 ग्राम
- सूखा नारियल (कद्दूकस) - 100 ग्राम
- इलायची पाउडर - 1 टीस्पून
- अन्य ऑप्शनल: किशमिश, खसखस, तरबूज के बीज, अलसी के बीज

ढेर सारे हेल्दी मेवे जो लड्डू को स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाते हैं
बनाने की विधि (Step-by-Step Method):
- गोंद भूनें: एक कढ़ाई में 100 ग्राम घी गरम करें। गोंद को छोटे-छोटे बैच में डालकर मध्यम आंच पर भूनें। ये फूलकर क्रिस्पी हो जाएगा। निकालकर ठंडा करें और दरदरा कूट लें।

गोंद को घी में भूनते समय ये ऐसे फूलता है – स्टेप 1 - मेवे भूनें: उसी कढ़ाई में थोड़ा घी डालकर बादाम, काजू, पिस्ता, मखाना और नारियल को अलग-अलग हल्का भून लें। ठंडा करके दरदरा कूट लें।
- आटा भूनें: बाकी घी में गेहूं का आटा डालकर धीमी आंच पर सुनहरा और खुशबूदार होने तक भूनें (लगभग 15-20 मिनट)।
- गुड़ मिलाएं: आंच बंद करें। गुड़ पाउडर डालकर अच्छे से मिलाएं। गुड़ पिघल जाएगा।
- सब मिलाएं: भुना गोंद, मेवे, इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। मिश्रण गुनगुना रहते ही लड्डू बांधें (हाथ पर घी लगाकर)।

हाथ पर घी लगाकर गोल-गोल लड्डू बांध लें – तैयार! - ठंडा करें: लड्डू ठंडे होने पर एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें। 1-2 महीने तक चलेंगे।
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| आटे को धीमी आंच पर भूनना सबसे जरूरी स्टेप है |
टिप्स: अगर गुड़ की जगह चीनी इस्तेमाल करें तो चीनी को पाउडर करके डालें। लड्डू न बंधें तो थोड़ा गरम घी मिलाएं। हेल्दी वैरिएशन के लिए अलसी, तिल या मेथी डाल सकते हैं।
गोंद के लड्डू के संभावित नुकसान (Side Effects of Gond Ke Laddu)
फायदों के साथ कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। गोंद के लड्डू हाई कैलोरी और गर्म तासीर वाले होते हैं, इसलिए:
- अधिक मात्रा में न खाएं: वजन बढ़ सकता है, पेट फूलना या अपच हो सकता है।
- गर्मियों में कम खाएं: गर्म तासीर से गर्मी, मुंहासे या हीट स्ट्रोक का खतरा।
- डायबिटीज पेशेंट: गुड़/चीनी से शुगर लेवल बढ़ सकता है।
- एलर्जी: कुछ लोगों को गोंद से खुजली या रैशेज हो सकते हैं।
- गर्भावस्था में सावधानी: डॉक्टर की सलाह बिना न खाएं, अधिक गर्मी हानिकारक हो सकती है।
- पाचन समस्या: बहुत ज्यादा खाने से गैस या कब्ज हो सकता है।
रोज 1-2 लड्डू से ज्यादा न खाएं। पानी ज्यादा पिएं।
कितने गोंद के लड्डू खाने चाहिए?
सामान्य व्यक्ति: रोज 1 लड्डू।
प्रसव बाद महिलाएं: 1-2 लड्डू (डॉक्टर की सलाह से)।
बच्चे और बुजुग: आधा-1 लड्डू।
निष्कर्ष: सर्दियों का सुपरफूड
गोंद के लड्डू स्वाद और सेहत का परफेक्ट कॉम्बिनेशन हैं। सर्दियों में ये शरीर को ताकत, गर्माहट और पोषण देते हैं। घर पर बनाकर परिवार को खिलाएं और खुद भी एंजॉय करें। लेकिन याद रखें – संतुलन सबसे जरूरी है!
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| अब बस एंजॉय करें ये हेल्दी और टेस्टी लड्डू! 🍬 |
अगर आपको यह रेसिपी पसंद आई तो घर पर ट्राई करें और कमेंट में बताएं कैसा बना। स्वस्थ रहें, खुश रहें! ❄️🍯
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह नहीं है। गोंद के लड्डू या किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से पहले, खासकर गर्भावस्था, स्तनपान, किसी बीमारी या दवा लेने की स्थिति में, कृपया अपने डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें। अधिक मात्रा में सेवन हानिकारक हो सकता है।
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