लौंग के नुकसान: 6 गलतियाँ जो आप कर रहे हैं और बचने का तरीका
लौंग के नुकसान: 6 गलतियाँ जो आप कर रहे हैं और बचने का तरीका
लौंग को आयुर्वेद में मसालों की रानी कहा जाता है। दांत दर्द, खांसी, पाचन, वजन घटाने और त्वचा की चमक के लिए इसका इस्तेमाल सदियों से होता आया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही लौंग अगर गलत तरीके से ली जाए, तो गंभीर नुकसान भी पहुँचा सकती है?
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| लौंग के गलत सेवन से हो सकते हैं गंभीर नुकसान। जानें सही मात्रा और सावधानियाँ। |
इस लेख में क्या-क्या है?
- गलती 1: रोज़ 5-6 लौंग से ज्यादा खाना
- गलती 2: लौंग का तेल सीधे त्वचा पर लगाना
- गलती 3: गर्भावस्था में बिना सलाह लौंग लेना
- गलती 4: खून पतला करने वाली दवाइयों के साथ लौंग
- गलती 5: बच्चों को लौंग देना
- गलती 6: स्टोरेज में लापरवाही
- सुरक्षित उपयोग की गाइड
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
गलती 1: रोज़ 5-6 लौंग से ज्यादा खाना
आपने सुना होगा – “लौंग खाने से पाचन ठीक होता है, वजन कम होता है”। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 1 ग्राम से ज्यादा लौंग (लगभग 4-5 लौंग) रोज़ लेना आपके लिवर को नुकसान पहुँचा सकता है?
ज्यादा लौंग खाने से क्या होता है?
- लिवर को नुकसान: लौंग में यूजेनॉल की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। 2022 के Journal of Hepatology में पब्लिश स्टडी के अनुसार, 10mg/kg बॉडी वेट से ज्यादा यूजेनॉल लिवर सेल्स को नुकसान पहुँचाता है।
- खून पतला होना: लौंग में कुमरिन होता है, जो ब्लड थिनर की तरह काम करता है। ज्यादा खाने से नाक से खून, मसूड़ों से खून या अंदरूनी रक्तस्राव हो सकता है।
- मुंह में जलन और छाले: ज्यादा लौंग चबाने से मसूड़ों में जलन, छाले और अल्सर हो जाते हैं।
- पेट में ऐंठन: ज्यादा यूजेनॉल से पेट में जलन, गैस और दस्त हो सकते हैं।
सुरक्षित मात्रा कितनी है? (वैज्ञानिक डोज चार्ट)
| उम्र | सुरक्षित मात्रा (प्रति दिन) |
|---|---|
| वयस्क (18+) | 1-2 लौंग (0.5-1 ग्राम) |
| गर्भवती महिला | 1 लौंग (डॉक्टर की सलाह से) |
| बच्चे (6-12 साल) | आधी लौंग (0.25 ग्राम) |
| बच्चे (6 साल से कम) | न दें |
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| हर उम्र के लिए लौंग की सुरक्षित मात्रा |
गलती 2: लौंग का तेल सीधे त्वचा या मुँह में लगाना
सोशल मीडिया पर वायरल है – “लौंग का तेल लगाओ, दांत दर्द 5 मिनट में गायब”। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शुद्ध लौंग का तेल (100% concentrated) त्वचा जला सकता है?
लौंग के तेल के साइड इफेक्ट्स
- त्वचा पर जलन (Chemical Burn): शुद्ध तेल लगाने से लालिमा, सूजन, छाले और दर्द हो सकता है।
- मुंह में अल्सर: दांत दर्द में सीधे लगाने से जीभ, मसूड़े और गले में जलन होती है।
- एलर्जी रिएक्शन: कुछ लोगों को खुजली, सूजन, साँस लेने में तकलीफ या एनाफिलेक्सिस तक हो सकता है।
- आँखों में जलन: गलती से आँख में लग जाए तो अंधापन तक का खतरा।
सही तरीका: लौंग का तेल कैसे इस्तेमाल करें?
- पतला करें: 1 बूंद लौंग का तेल + 10 मिली कैरियर ऑयल (नारियल, जैतून, बादाम)।
- पैच टेस्ट जरूरी: कोहनी के अंदर लगाकर 24 घंटे देखें। कोई रिएक्शन न हो तो इस्तेमाल करें।
- मुंह में कुल्ला: 1 बूंद तेल + 1 कप गुनगुना पानी → 30 सेकंड कुल्ला करें।
- दांत दर्द में: कॉटन पर 1 बूंद पतला तेल → दर्द वाली जगह पर 5 मिनट रखें।

1 बूंद लौंग तेल + 10ml कैरियर ऑयल (नारियल या जैतून)
गलती 3: गर्भावस्था में बिना सलाह लौंग लेना
गर्भवती महिलाएँ अक्सर मॉर्निंग सिकनेस, उल्टी और बदबू से राहत के लिए लौंग चाय पीती हैं। लेकिन क्या यह सुरक्षित है?
गर्भावस्था में लौंग के खतरे
- गर्भपात का जोखिम: यूजेनॉल गर्भाशय की मांसपेशियों को उत्तेजित करता है, जिससे समय से पहले संकुचन (contractions) हो सकते हैं।
- बच्चे के विकास पर असर: ज्यादा लौंग से भ्रूण के लिवर और किडनी पर बोझ पड़ता है।
- ब्लीडिंग रिस्क: डिलीवरी के समय खून ज्यादा बहने का खतरा।
- स्तनपान में: लौंग का स्वाद दूध में आता है, बच्चे को पेट दर्द हो सकता है।

गर्भावस्था में लौंग का अधिक सेवन माँ और बच्चे दोनों के लिए हानिकारक
गर्भवती महिलाएँ क्या करें?
- पहले 3 महीने: बिल्कुल न लें।
- बाद में: 1 लौंग/दिन से ज्यादा न लें।
- डॉक्टर की सलाह जरूरी: खासकर अगर ब्लड प्रेशर या डायबिटीज़ है।
गलती 4: खून पतला करने वाली दवाइयों के साथ लौंग
- लौंग में कुमरिन होता है, जो प्राकृतिक ब्लड थिनर है।
- दवा + लौंग = अंदरूनी रक्तस्राव (दिमाग, पेट, आँख)।
- सर्जरी से 2 हफ्ते पहले लौंग बंद कर दें।
गलती 5: बच्चों को बिना सोचे लौंग देना
6 साल से छोटे बच्चों को लौंग बिल्कुल न दें। उनका लिवर और किडनी अभी पूरी तरह विकसित नहीं होते।
बच्चों में लौंग के नुकसान
- लिवर और किडनी पर बोझ
- पेट में जलन, उल्टी, दस्त
- एलर्जी, चक्कर आना
- यूजेनॉल पॉइजनिंग (दुर्लभ लेकिन गंभीर)
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| 6 साल से कम उम्र के बच्चों को लौंग बिल्कुल न दें |
कब और कैसे दें?
- 6-12 साल: आधी लौंग/दिन
- खांसी में: 1 साल से ऊपर → लौंग + शहद (आधा चम्मच)
- डॉक्टर से पूछें
गलती 6: लौंग को गलत तरीके से स्टोर करना
ख़राब या फफूंद लगी लौंग खाने से फूड पॉइजनिंग, अफ्लाटॉक्सिन हो सकता है।
सही स्टोरेज टिप्स
- एयरटाइट कांच का डिब्बा
- ठंडी, सूखी, अंधेरी जगह
- 1 साल से पुरानी लौंग फेंक दें
- नमी से बचाएँ

एयरटाइट जार में रखें, नमी और धूप से बचाएँ
लौंग का सुरक्षित उपयोग: पूरा गाइड
सुरक्षित डोज चार्ट (हर इस्तेमाल के लिए)
| उपयोग | मात्रा | अवधि |
|---|---|---|
| चाय | 1 लौंग/कप | 7 दिन तक |
| त्वचा पर तेल | 1 बूंद + 10ml कैरियर ऑयल | पैच टेस्ट के बाद |
| मुंह कुल्ला | 1 बूंद + 1 कप पानी | 2-3 बार/दिन |
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| हर इस्तेमाल के लिए लौंग की मात्रा और अवधि |
कब डॉक्टर से पूछें?
- गर्भावस्था या स्तनपान
- लिवर/किडनी की बीमारी
- सर्जरी से 2 हफ्ते पहले
- बच्चों को देने से पहले
- कोई दवा ले रहे हों
लौंग के नुकसान पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. लौंग ज्यादा खाने से क्या होता है?
लिवर डैमेज, खून पतला होना, मुंह में जलन, एलर्जी और गर्भावस्था में जोखिम हो सकता है।
2. लौंग का तेल सीधे लगाना चाहिए?
नहीं। हमेशा 1:10 अनुपात में कैरियर ऑयल में मिलाकर लगाएँ।
3. गर्भावस्था में लौंग खा सकते हैं?
सीमित मात्रा में (1 लौंग/दिन) और डॉक्टर की सलाह से।
4. बच्चों को लौंग दे सकते हैं?
6 साल से ऊपर आधी लौंग, 6 साल से कम उम्र में नहीं।
5. लौंग कब तक खराब नहीं होती?
सही स्टोरेज में 1 साल तक। उसके बाद फेंक दें।
अंतिम अपडेट: 29 अक्टूबर 2025




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